நேதாஜியின் குடியரசு

26 ,ஜனவரி நம் குடியரசு தினம்.23 ஜனவரி நேதாஜியின் பிறந்தநாள்
இந்த சமயத்தில் இந்திய விடுதலைக்காக போராடிய அவரது
INA ,வரலாற்றை பார்ப்போமா??
இந்தியா குடியரசு ஆகும் முன்னரே
நேதாஜி எங்கோ மறைந்து போனார்
மூலம்: பீட்டர் வார்ட் ஃபே யின் புத்தகம்
The forgotten Army

नेताजेः सुभाषचन्द्रस्य प्रजातन्त्रम्

अद्य प्रजातन्त्रदिनम् । 23 जनवरी इति नेताजिसुभाषवर्यस्य जयन्तिदिनम्। तन्निमित्तं भारतस्य स्वतन्त्रतार्थं युद्धवतः अस्य जननायकस्य हिन्दसेनायाः च इतिहासं पुनः स्मरामः अस्याः प्रश्नावल्याः माध्यमेन। अस्याः स्रोतः अस्ति पीटर् वार्ड् फे-वर्यस्य पुस्तकम् – ‘द फर्गाट्न् आर्मी’।

ନେତାଜୀଙ୍କ ଗଣରାଜ୍ୟ

ଆଜି ଗଣତନ୍ତ୍ର ଦିବସ ଓ ୨୩ଜାନୁଆରୀ ନେତାଜୀଙ୍କ ଜନ୍ମଦିନ ଥିଲା। ଆସନ୍ତୁ ସମସ୍ତେ ତାଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଗଠିତ ଆଇ.ଏନ.ଏ.ର ଇତିହାସକୁ ମନେପକାଇ ଗର୍ବ ଅନୁଭବ କରିବା। ଭାରତ ଗଣରାଜ୍ୟର ଗଠନ ହେବା ପୂର୍ବରୁ ନେତାଜୀ ଦୃଷ୍ଟିରୁ ଉଭେଇ ଯiଇଥିଲେ।
ଉତ୍ସ:ପିଟର ୱାର୍ଡ ଫେଙ୍କ ପୁସ୍ତକ “The Forgotten Army”

नेताजींचे प्रजासत्ताक

२८ डिसेंबर हा भारताच्या दोन महान व्यावसायिक व्यक्तिमत्त्वांचा, रतन टाटा आणि धीरूभाई अंबानी यांचा वाढदिवस आहे, ज्यांचा जन्म गुजरातमधील खंभातच्या आखाताच्या दोन्ही बाजूंना, पाच वर्षांच्या अंतराने झाला. या निमित्ताने, आपण भारतीय व्यवसायाच्या प्रदीर्घ इतिहासाचा आढावा घेऊया. भारतीय उद्योजकतेचा विकास सिंधू-सरस्वती संस्कृतीच्या काळापासून झाला, ब्रिटिश राजवटीत तिला मोठा धक्का बसला आणि आधुनिक युगात ती नवीन स्वरूपात पुन्हा उदयास आली. वसाहतवादी काळासाठी, द्विजेंद्र त्रिपाठी यांचे ‘द ऑक्सफर्ड हिस्ट्री ऑफ इंडियन बिझनेस’ हा एक महत्त्वाचा संदर्भ ग्रंथ आहे. योगायोगाने, २८ डिसेंबर हा भारताचे क्विझ आयकॉन सिद्धार्थ बसू यांचाही वाढदिवस आहे.

നേതാജിയുടെ റിപബ്ലിക്

ഇന്ന്,
ജനുവരി 26 – റിപബ്ലിക് ദിനവും,
ജനുവരി 23 – നേതാജിയുടെ ജന്മദിനവുമാണ്.
Peter Ward Fayയുടെ “The Forgotten Army – വിസ്മൃതിയിലാഴ്ന്ന സൈന്യം” എന്ന പുസ്തകത്തിലെ- ഇന്ത്യയ്ക്ക് വേണ്ടി അക്ഷീണം പോരാടിയ INAയുടെയും, റിപബ്ലിക്കാവും മുൻപ് അപ്രത്യക്ഷനായ നേതാജിയുടെയും, ചില ജീവിതനിമിഷങ്ങളിലൂടെ നമുക്ക് വീണ്ടും കടന്നുപോവാം.

नेताजींचें प्रजातंत्र

आज प्रजासत्ताक दीस आनी 23 जानेवारी हो नेताजीचो वाडदीस आशिल्लो. भारता खातीर झुजपी ताच्या सैन्याच्या, आयएनएचो, इतिहास परतून जियेवया. भारत प्रजासत्ताक जावचे पयलीं नेताजी ना जाले. पीटर वॉर्ड फे हाच्या ‘द फोर्गोटन आर्मी’ ह्या पुस्तकांतल्यान मेळ्ळां.

भारतीय गणतंत्र और नेताजी सुभाष चंद्र बोस

26 जनवरी गणतंत्र दिवस का पावन अवसर है । अभी विगत २३ जनवरी को हमने नेताजी की जयंती भी मनाई है। आइए, भारत की स्वाधीनता हेतु घोर संघर्ष करने वाली उनकी गौरवशाली सेना, ‘आज़ाद हिन्द फ़ौज’ (INA) के उस स्वर्णिम इतिहास को पुनः जीवंत करें।

दुर्भाग्यवश, भारत के एक संप्रभु गणतंत्र के रूप में स्थापित होने से पूर्व ही नेताजी रहस्यमयी परिस्थितियों में जनमानस की नज़रों से ओझल हो गए थे।

साभार: यह विवरण पीटर वार्ड फेय की सुप्रसिद्ध कृति ‘द फॉरगॉटन आर्मी’ (The Forgotten Army) पर आधारित है।

નેતાજીનું ગણતંત્ર

આજે ગણતંત્ર દિવસ છે અને ૨૩ જાન્યુઆરી નેતાજીનો જન્મદિવસ હતો. આવો, ભારત માટે લડનાર તેમની સેના — આઝાદ હિંદ ફોજ (આઈએનએ) —ના ઇતિહાસને ફરી એકવાર યાદ કરીએ. ભારત ગણતંત્ર બન્યું તે પહેલાં જ નેતાજી અચાનક અદૃશ્ય થઈ ગયા હતા. આ લખાણ પીટર વોર્ડ ફેની પુસ્તક ‘ધ ફર્ગોટન આર્મી’ પરથી આધારિત છે.

Netaji’s Republic

Today is Republic Day and 23rd Jan was Netaji’s birthday. Let us relive the history of his army, INA, that fought for India. Netaji disappeared before India become a Republic. Sourced from Peter Ward Fay’s book ‘The Forgotten Army.’

নেতাজির প্রজাতন্ত্র

আজ প্রজাতন্ত্র দিবস এবং ২৩শে জানুয়ারি ছিল নেতাজির জন্মদিন। আসুন আমরা তাঁর সেনাবাহিনী আইএনএ (INA) এর ইতিহাস পুনরায় স্মরণ করি যারা ভারতের জন্য লড়াই করেছিল। ভারত প্রজাতন্ত্র হওয়ার আগেই নেতাজি নিখোঁজ হয়ে যান।
উৎস: পিটার ওয়ার্ড ফে এর বই ‘দ্য ফরগটেন আর্মি’।